ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
राधा अष्टमी : बरसाने की लाडली श्री राधा रानी का जन्म दिवस बरसों से हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ में मनाई जाती है, राधा रानी के भक्तों के लिए राधा अष्टमी का दिन बहुत ही खास होता है जिस प्रकार से भगवान श्री कृष्ण की जन्माष्टमी मनायी जाती है उसी प्रकार से राधा रानी की भी राधाअष्टमी बहुत ही उत्साह के साथ मनाई जाती है, इस साल 31 अगस्त को राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा | धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति राधाअष्टमी के दिन राधा रानी के 28 नामों का जप विधि पूर्वक करता है तो उसे राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और साथ ही साथ भगवान श्री कृष्ण अपने आप प्रसन्न हो जाते और उस व्यक्ति के अंदर भक्ति के मार्ग अपने आप खुलते चले जाते हैं, राधा रानी के 28 नाम कुछ इस प्रकार हैं-राधा, पूर्णा, रमा,मूल, सर्वाद्या, सर्ववंड्या, गंधर्वा, आरम्या, परमेश्वरी, वृंदाराधा, रुक्मणी, परात्परतरा,मूलप्रकृति, ईश्वरी,राधिका, भव्यव्याधि विनाशिनी, पूर्णचंद्र निभानना, मुक्ति मुक्तिप्रदा, सत्या, कृष्मंत्राधीदेवता, श्री कृष्णवल्लभा, वृंदावन बिहारिडी, बृजभानुसूता, अशेषगोपीमंडलपूजिता, सत्यभामा, और गोपी है| नोएडा,गाजियाबाद में भी जगह-जगह राधा अष्टमी का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा |

