19 जनवरी: रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बहु छल बल सुग्रीव कर,
हियँ हारा भय मानि ।
मारा बालि राम तब,
हृदय माझ सर तानि ।।
( किष्किंधाकांड, दो. 8)
जय जय सीताराम🙏
श्री राम जी ने सुग्रीव को दूसरी बार माला पहनाकर बालि से लड़ने के लिए भेजा है । सुग्रीव ने बहुत छल बल दिखाया किंतु अंत में हृदय से हार मान लिया तब श्री राम जी ने बालि को बाण मार दिया ।
आत्मीय जन ! जब तक आप पूर्ण रूप से अपने को भगवान के प्रति समर्पण नहीं करते हैं तब तक भगवान कृपा नहीं करते हैं । अतः सुग्रीव की तरह देर न करें, तुरंत श्री सीताराम जी के युगल चरणों में अपना समर्पण करें तब देखें श्री सीताराम जी की कृपा तुरन्त प्राप्त होगी। अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

