29 जनवरी: रामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
तुम्ह कहुँ बन सब भाँति सुपासू,
सँग पितु मातु राम सिय जासू।।
जेहिं न रामु बन लहहीं कलेसू ।
सुत सोइ करेहु इहइ उपदेसू ।।
( अयोध्याकाण्ड 74/4)
राम राम जी 🙏🙏
श्री राम जी द्वारा वन साथ चलने की अनुमति मिलने पर लक्ष्मण सुमित्रा माँ के पास अनुमति लेने आते हैं और सब बताते हैं । सुमित्रा माँ कहती हैं कि जिसके साथ श्री सीताराम रूप माता पिता हो उसके साथ वन में तुम्हें हर प्रकार से आराम है । लक्ष्मण ! वन में श्री राम को किसी भी प्रकार के कष्ट न होने पाए, वही आप करना, यही मेरी सीख है ।
बंधुवर ! श्री सीताराम जी के साथ आप चाहे वन में रहें या शहर में, आपको आराम ही आराम रहेगा । बस ध्यान रखें कि उनके अनुकूल हमारा आचरण होना चाहिए। अत: सुख हो या दुःख , सदा श्री सीताराम जी की सेवा में रहें और सब प्रकार से सुखी रहें। अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

