राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने ज्ञापन के माध्यम से बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने हेतु किया मांग

*राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने ज्ञापन के माध्यम से बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की*
राष्ट्रीय युवा वाहिनी संगठन ने आज राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित श्रीकांत उपाध्याय जी की अध्यक्षता में एक ज्ञापन श्रीमान महामहिम राष्ट्रपति नामित ज्ञापन श्रीमान जिलाधिकारी को सौंपा। और ज्ञापन के माध्यम से पंडित श्रीकांत उपाध्याय ने अवगत कराया गया। कि अभी हाल में ही बांग्लादेश में दलित हिन्दू दीपू दास की इस्लामिक कट्टरपंथी भीड़ ने ईश निंदा का आरोप लगाकर जिंदा जला दिया। दीपू दास की एक वीडियो इस का प्रमाण है। कि बांग्लादेश में जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है। तभी से हिंदुओं की सुरक्षा खतरे में है। क्योंकि उक्त वीडियो में दीपू दास बांग्लादेश पुलिस के संरक्षण में था। उसके बावजूद भी कट्टरपंथी उसकी हत्या कर दिए। इससे यही प्रतीत होता है। कि बांग्लादेश में सरकार , प्रशासन व कट्टरपंथियों की एक मुश्त राय अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्या करने की है। यह सब देख भारत के तमाम राज्यों में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पुतले भी दहन कर विरोध किया जा रहा है। लेकिन उक्त घटना पर किसी भी बांग्लादेश के क्रिकेटर/मीडियाकर्मी/अभिनेता/नेता ने निंदा तक नहीं की। जिससे स्पष्ट है। कि बांग्लादेश के हर एक इस्लामिक व्यक्ति की मंशा हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने की है। जबकि एक वीडियो में एक बांग्लादेशी हिन्दू युवक को इस्लामिक भीड़ ने इसलिए मारा। कि उसने कलावा पहने हुए था। और उस पर भारत का जासूस होने का आरोप लगा दिया। जबकि बांग्लादेश के नागरिक यह तक भूल गए। कि इनको आजाद कराने के लिए सन 1971 में भारत ने युद्ध लड़कर लगभग 500 करोड़ खर्चा किया। व उस युद्ध में 1 करोड़ बांग्लादेशियों को शरण दी। जिनपर लगभग 500 करोड़ खर्चा किया गया। व इस युद्ध में भारत ने अपने 3900 बहादुर सैनिकों को खोया था। बांग्लादेश की आजादी पर भारत ने धन और सैनिक खर्च किए। तब यह लोग आजाद हुए। लेकिन कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसमें उक्त कट्टरपंथी उन्हीं वीर सैनिकों की प्रतिमा को तोड़ते नजर आ रहे है। इतना ही नहीं समय समय पर भारत बांग्लादेश की आर्थिक सहायता करता हुआ आ रहा है। लेकिन यह सभी घटनाएं देखकर इनको किसी भी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। यह लोग इस्लामिक कट्टरपंथी में अंधे हो चुके है। और इनपर भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय से संगठन ने निम्न मांग की है।
1- भारत में IPL लीग 9 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो रही है। जिसमें बांग्लादेश के क्रिकेटर भाग लेने भारत आ रहे है। उनका उक्त लीग में पाकिस्तान की तर्ज पर प्रतिबंध लगाया जाए।
2- बांग्लादेश में जब तक हिन्दू सुरक्षित नहीं होता। तब तक किसी प्रकार का अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
3- बांग्लादेश में जब तक हिन्दू सुरक्षित नहीं होता। तब तक भारत की तरफ से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर प्रतिबंध लगाया जाए।
4- बांग्लादेश में जब तक हिन्दू सुरक्षित नहीं होता। तब तक भारत से हर प्रकार के व्यापार पर प्रतिबंध लगाया जाए।
5-बांग्लादेश में जब तक हिन्दू सुरक्षित नहीं होता। तब तक बांग्लादेश के अभिनेता और नेताओं व इस्लामिक नागरिकों का भारत आने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
6- दलित हिन्दू दीपू दास की निर्मम हत्या को अंतर्राष्ट्रीय अदालत में उठाया जाए। व उक्त प्रकरण के मुख्य दोषियों पर भारत में मुकदमा चलाया जाए। व मुख्य दोषियों को इस्लामिक आतंकी घोषित किया जाए।
7- पाकिस्तान व बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की जान माल की सुरक्षा के लिए उनको भारत में लाया जाए।
8- 1947 में भारत को मजहब के नाम पर तोड़कर पाकिस्तान बनाया गया। लेकिन भारत में सेकुलिज्म जोड़ दिया गया। भविष्य में भारत को पुनः 1947 की तर्ज पर मजहब के नाम पर तोड़ा न जाए इसलिए भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाए।

ज्ञापन देने में आनंद शर्मा, पवन शर्मा, गौरव शर्मा, नितिन शर्मा, अयांश उपाध्याय,प्रदेश गुप्ता, विवेक शर्मा, पप्पू, मनीष शर्मा, राहुल शर्मा, पवन कुमार, सुरेंद्र शर्मा, दलवीर सिंह, वकील उद्दीन आदि उपस्थित रहे।

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