शहर की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था लेखिका संघ के तत्वावधान में कवि गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न

शहर की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था लेखिका संघ के तत्वावधान में कवि गोष्ठी का आयोजन सम्पन्न
देश की उपासना ब्यूरो

बरेली, दिनांक 30 जनवरी को शहर की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था लेखिका संघ के तत्वावधान में कवि गोष्ठी का आयोजन मीना अग्रवाल के आवास राजेंद्र नगर में किया गया जिसकी अध्यक्षता संस्था की संरक्षक श्रीमती निर्मला सिंह ने की तथा मुख्य अतिथि. कवियित्री भाग्यश्री रहीं। तथा संचालन गीतकार कमल सक्सेना ने किया।कवि गोष्ठी का शुभारम्भ अविनाश अग्रवाल द्वारा माँ वाणी की वंदना से किया गया।
संस्था की संरक्षक निर्मला सिँह ने. अपनी कविता पढ़ते हुए कहा कि,,,,,मौसम सी बदलती दुनियाँ में इंसान के रूप बदलते हैँ. जीवन का सफर तो लम्बा है हम धूप छाँव से चलते हैँ।
कमल सक्सेना ने अपना चर्चित गीत पढ़ते हुए प्यार की पराकाष्ठा को कुछ ऐसे चित्रित किया,,,
जन्म जन्म से सिवा तुम्हारे कोई मेरा मित्र नहीं। बोलो कैसे कहते हो तुम अपना प्रेम पवित्र नहीं। कभी चढ़े थे सूली पर हम बिंधे कभी हम तीरों से। कभी लहू से भरा कटोरा बाँध दिये जंजीरों से। लेकिन तेरी गंध मिटादे ऐसा कोई इत्र नहीं।
वरिष्ठ कवि शायर हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष ने अपनी ग़ज़ल पढ़ते हुए वाहवाही लूटी. उन्होंने कहा कि,,,,
उन्हें तो लूटते फिरने की इतनी सख़्त आदत है,
सिकंदर बुद्ध की आदर्श वाणी को नहीं सुनते।
संस्था अध्यक्ष दीप्ती पांडे नूतन ने ताज़महल बनाने वाले के हाथ काटने पर सुंदर कविता पढ़ी।
संस्था की सचिव डॉ किरण कैंथवाल ने अपना प्यारा सा गीत पढ़ते हुए कहा कि,,
सवालों के घेरे में खुद को रोज पाती हूँ।
मची ये कैसी हलचल है तेरे और मेरे दिल में
यही सोचकर मैं तो खुद में डूब जाती हूँ।
डॉ अखिलेश गुप्ता ने बेटियों पर कविता कुछ ऐसे पढ़ी,,,
बेटी सीता रुक्मणि बेटी है उपहार।
बेटी की मुस्कान से खिल जाता घर द्वार।
मीरा प्रियदार्शनी ने प्यार की परिभाषा कुछ इस तरह से की,,,
प्यार में शर्ते नहीं होती न ही कोई हिसाब किताब। बस एक सच्चा दिल चाहिए और साथ चलने का ख्वाब।
मीना अग्रवाल ने अपनी ग़ज़ल पढ़ते हुए कहा कि,,, खुद जलते हैँ मुझको भी जला देते हैँ। तेरे ख़्यालात सर्दी की धूप सा मज़ा देते हैँ। मीरा मोहन और अविनाश अग्रवाल ने भी अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी।
मुख्य अतिथि भागयश्री ज़ी ने कवि गोष्ठी की बहुत प्रशंसा की।
अंत में संयोजका मीना अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
🌎 कमल सक्सेना कवि गीतकार बरेली 🌎

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