21 सितम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बिरहवंत भगवंतहि देखी ।
नारद मन भा सोच बिसेषी ।।
मोर साप कर अंगीकारा ।
सहत राम नाना दुख भारा ।।
( अरण्यकांड 40/3)
जय जय सियाराम 🙏🙏सीता जी को खोजते हुए राम जी शबरी जी के बताए गए के अनुसार पंपा सरोवर पहुँचे हैं । स्नान कर प्रसन्नतापूर्वक राम जी सरोवर किनारे बैठ कर लक्ष्मण जी को मधुर कथाएँ सुना रहें हैं । भगवान को विरहयुक्त देख नारद जी के मन में चिंता हुई । उन्होंने सोचा कि मेरा श्राप स्वीकार कर राम जी नाना प्रकार के दुःख सह रहें हैं ।
भगवान भक्त की बात स्वीकार कर अपने कर्म का फल भोग रहे हैं परंतु जब हमारी आपकी बारी कर्म फल भोगने की होती है तो हम उसे अस्वीकार कर देते हैं , चिल्लाते हैं । अस्तु! राम जी सीखें, राम स्मरण के साथ अपना कर्म फल भोगें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

