15 अक्तूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
सेवत तोहि सुलभ फल चारी ।
बरदायिनी पुरारि पियारी ।।
देबि पूजि पद कमल तुम्हारे ।
सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे ।।
( बालकांड 235/1)
राम राम 🙏🙏
सीता जी की माता जी ने गौरी पूजन के लिए सीता जी को भेजा है। सीता जी ने बाग में राम जी को देख लिया है, अब वे गौरी जी के मंदिर जाती हैं और पूजा करते हुए कहती हैं कि हे पार्वती! आपकी सेवा से चारों फल सरलता से मिल जाते हैं । आपके चरण कमलों की सेवा कर देवता , मनुष्य, मुनि सब सुखी हो जाते हैं ।
चाहे आप राम जी की सेवा करें या सीता जी की या शक्ति माँ की , आपके मनोरथ ज़रूर पूरे होगें । जैसे सीता के मनोरथ पूरे हुए उसी तरह शक्ति माँ की सेवा कर हमारे आपके भी मनोरथ पूर्ण होंगे । अथ ! सीताराम जय सीताराम 🚩🚩🚩🙏🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

