श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

26 नवम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

राम सपथ सत कहउँ सुभाऊ ।
राममातु कछु कहेउ न काऊ।।
मैं सबु कीन्ह तोहि बिनु पूँछें ।
तेहि तें परेउ मनोरथु छूछें ।।
( अयोध्याकाण्ड 31/1)
राम राम 🙏🙏
कैकेई ने दशरथ जी से दो वरदान माँग लिए हैं, दशरथ जी अब उसे मनाते हुए कहते हैं कि राम की सौगंध खा कर कहता हूँ कि कौशल्या ने राम को राजा बनाने के बारे में कुछ भी नहीं कहा है , मैंने सब कुछ तुमसे बिना पूछे किया है इसी कारण से मेरा मनोरथ पूरा नहीं हुआ ।
दशरथ जी को अपनी रानियों में सबसे प्रिय कैकेई थी , उन्होंने कैकेई से पूछे बिना राम जी को युवराज बनाना चाहा , वह पूरा नहीं हुआ । इसीतरह हमारे आपके भी मनोरथ पूरे नहीं होते कारण हम अपने प्रिय राम जी से बिना पूछे काम में लग जाते हैं । अत: अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं तो राम आज्ञा लें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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