श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

3 फरवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सरूज सरीर बादि बहु भोगा ।
बिनु हरिभगति जायँ जप जोगा ।
जायँ जीव बिनु देह सुहाई ।
बादि मोर सबु बिनु रघुराई ।।
( अयोध्याकाण्ड 177/3)
राम राम 🙏🙏
श्री दशरथ जी के साकेत गमन के उपरांत श्री वशिष्ठ जी ने श्री भरत जी को अयोध्या का राज्य सम्हालने को कहते हैं । भरत जी इसके उत्तर में कहते हैं कि जैसे रोगी शरीर के लिए नाना प्रकार के भोग बेकार हैं , भगवान की भक्ति के बिना जप व योग ब्यर्थ हैं , प्राण बिना सुंदर शरीर किसी काम की नहीं है , उसी तरह राम जी के बिना मेरा सब कुछ बेकार है ।
जीवन में श्री राम जी हैं तो सब कुछ है, राम बिना जीवन सूना व नीरस है । राम युक्त जीवन ही सार्थक है। अतएव ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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