11 फ़रवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सहज सूर कपि भालु सब,
पुनि सिर पर प्रभु राम ।
रावन काल कोटि कहुँ ,
जीति सकहिं संग्राम ।।
( सुंदरकांड दो. 55)
राम राम 🙏🙏
विभीषण जब राम जी की शरण में आते हैं तब रावण ने अपने दूत राम जी के पास यह देखने के लिए भेजा कि राम जी विभीषण के साथ कैसा व्यवहार करते हैं । दूत लौट कर आया है , रावण ने सब पूछा है , दूत ने सब बताने के बाद कहा कि वैसे तो वानर भालू सहज ही शूरवीर हैं परंतु उनके सिर पर प्रभु राम जी हैं । हे रावण ! इस कारण वे युद्ध में करोड़ों कालों को भी जीत सकते हैं ।
जिसके ऊपर राम जी की कृपा हो वह क्या नहीं कर सकता है ? अतः राम रक्षा पाने का यत्न करें , सार्थक प्रयत्न करें । अथ ! श्री राम जय राम जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

