श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

19 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ
भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ ।।
कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई ।
रामु न सकहिं नाम गुन गाई ।।
( बालकांड 25/4)

राम राम 🙏🙏
नाम भगवान की महिमा बताते हुए मानस जी के आरंभ में पूज्य पाद गोस्वामी श्री तुलसीदास जी महाराज कहते हैं कि पापी अजामिल , गज व गणिका भी नाम के प्रभाव से मुक्त हो गए । मैं नाम की बड़ाई कहाँ तक कहूँ , श्री राम जी भी नाम भगवान के गुणों को गा नहीं सकते हैं ।
नाम भगवान की महिमा अनंत है , आपको कितना बताएँ, अच्छा होगा कि आप नाम भगवान धारण करें और इसके अमित प्रभाव को स्वयं अपने जीवन में घटित होते महसूस करें । अथ ! भजन करें….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम ।।
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