श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

23 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जिय बिनु देह नदी बिनु बारी ।
तैसिअ नाथ पुरुष बिनु नारी ।।
नाथ सकल सुख साथ तुम्हारें
सरद बिमल बिधु बदनु निहारें ।।
( अयोध्याकाण्ड 63/4)
राम राम 🙏🙏
श्री सीता जी को श्री राम जी के वन जाने का समाचार मिलता है , वे कौसल्या जी के पास आती हैं जहां श्री राम जी हैं, श्री राम जी उन्हें वन के कष्ट बताकर अयोध्या में रहने के लिए बहुत समझाते हैं । वे कहती हैं कि जैसे प्राण के बिना शरीर, जल के बिना नदी , वैसे ही पुरुष के बिना स्त्री है । आपके साथ रहते हुए आपके निर्मल चंद्र मुख देखकर मुझे सारे सुख मिल जाएँगे ।
जिन्होंने भी श्री राम जी का साथ अपने जीवन में किया है वे ही श्री राम साहचर्य में अनुभूत किए जाने वाला सुख बता सकते हैं , अन्य क्या जानें? अतः सुख चाहते हैं तो श्री राम साहचर्य कर सकल सुख प्राप्त करें । अस्तु भजन करें ! श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम ।🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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