श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

26 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कोटि बिप्र बध लागहिं जाहू।
आएँ सरन तजउँ नहिं ताहू ।।
सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं
जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं ।।
( सुंदरकाड 43/1)
राम राम 🙏🙏
विभीषण श्री राम जी की शरण में आए हैं, सुग्रीव कहते हैं कि भेद लेने आया है , श्री राम जी कहते हैं कि शरण में आए हुए के भय को हर लेना मेरा प्रण है । जिसने करोड़ों ब्राह्मणों की हत्या की हो , शरण में आने पर मैं उसको भी नहीं त्यागता हूँ । जीव जैसे ही मेरी ओर रूख करता है उसके करोड़ों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं ।
अपने को पाप मुक्त करने में रूचि रखते हो तो श्री राम जी की ओर रुख़ करें , निष्पाप हो जाएँगे , श्री राम संगति में सब कुछ ठीक हो जाएगा । अस्तु भजन करिए और खूब करिए….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय राम राम। सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम। श्री राम शरण, श्री राम शरण। श्री राम शरण श्री राम शरण ।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

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