7 अप्रैल- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
राम बिमुख संपति प्रभुताई ।
जाइ रही पाई बिनु पाई ।।
सजल मूल बिनु सरितन्ह नाहीं
बरषि गएँ पुनि तबहिं सुखाहीं ।।
( सुंदरकाड 22/3)
राम राम 🙏🙏
श्री हनुमान जी को मेघनाद नागपाश से बाँध कर रावण के दरबार में ले आया है । रावण ने कुछ प्रश्न पूछे हैं , हनुमान जी ने उनका जबाब दिया है । वे रावण से आगे कहते हैं कि श्री राम विमुख रहने वाले की संपत्ति व प्रभुता रहते हुए भी चली जाती है , उसका पाना न पाने के बराबर है , जैसे जिन नदियों का अपना जलस्रोत नहीं होता है वे वर्षा उपरांत तुरंत सूख जाती हैं ।
भक्तों ! अपने जीवन में श्री राम नाम रूपी अक्षय स्रोत अपना लें जिससे जीवन में सुख संपदा हर परिस्थिति में बनीं रहे , इसलिए श्री राम सन्मुख रहें, कभी भी विमुख होने का विचार भी न आने पाए ! भजन निरन्तर चलता रहे….श्री राम जय राम जय जय राम सीताराम जय सीताराम । श्री राम जय राम जय जय राम जय सियाराम जय जय सियाराम। जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम।।
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

