28 अप्रैल – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
भगति हीन गुन सब सुख ऐसे ।
लवन बिना बहु बिंजन जैसे ।।
भजन हीन सुख कवने काजा ।
अस बिचारि बोलेउँ खगराजा
( उत्तरकांड 83/3)
राम राम 🙏🙏
गरूड महराज को श्री राम कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी अपने मोह की कथा सुनाते हैं । काकभुसुंडि जी कहते हैं जैसे ही श्री राम जी ने मेरा मोह दूर किया , उन्होंने मुझसे अष्ट सिद्धियाँ, मोक्ष , ज्ञान व तत्वज्ञान आदि सब कुछ देने को कहा । काकभुसुंडि जी कहते हैं कि मैं सोचने लगा कि प्रभु ने सब सुख देने की बात कही पर अपनी भक्ति देने की बात नहीं कही । भक्ति के बिना सब सुख वैसे ही नीरस हैं जैसे नमक के बिना भोज्य सामग्री । भक्ति के बिना सुख किस काम का है ।
सीताराम प्रेमियों ! भक्ति जीवन को रसमय व सुखमय बनाती है। जब हम आप भक्ति के बिना जगत के नीरस सुख से इतने आह्लादित व प्रफुल्लित हो जाते हैं तब जगदीश का सुख कितना आनंददायक होगा, इस पर जरा विचार करें और इसी वास्तविक सुख को पाने के लिए प्रभु से प्रार्थना करें तथा निरन्तर भजन करते रहें…….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय सियाराम जय जय सियाराम । सीताराम जय सीताराम, श्री राम जय राम जय जय राम, जानकीवल्लभ राजाराम । राम राम राम राम राम राम राम राम श्री राम जय राम, जय जय राम, 🚩🚩🚩

