30 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कवन सो काज कठिन जग माहीं
जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं ।।
राम काज लगि तव अवतारा ।
सुनतहिं भयउ पर्बताकारा ।।
( किष्किंधाकांड 29/3)
जय सियाराम 🙏🙏
माता सीता जी की खोज करते हुए कपियों की भेंट संपाती से होती है । अपनी कथा सुनाकर संपाती ने कहा कि जो चार सौ कोस का सागर लाँघेगा वही श्री राम काज कर सकता है । यह सुनकर सब चुप हो गये हैं , तब जामवंत श्री हनुमान जी से कहते हैं कि जगत में ऐसा कौन सा कार्य है जो आप कर नहीं सकते हैं । श्री राम काज के लिए ही आपका अवतार हुआ है, यह सुनते ही हनुमान जी अत्यंत विशालकाय हो गये ।
आत्मीय जनों ! हम आप अपने काम काज में लगे हुए हैं इसीलिए छोटे हैं । श्री राम काज में लगने वाला ब्यक्ति ही विशाल हो सकता है , श्री हनुमान जी जैसा गुणवान और श्री सीताराम सेवक हो सकता हैं। अतएव बड़ा बनना है तो श्री राम काज में लगें। इसके लिए श्री हनुमान जी जैसा नित्य श्री सीताराम नाम का भजन करना पड़ेगा । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

