8 सितंबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
ता कहुँ प्रभु कछु अगम नहिं
जा पर तुम्ह अनुकूल ।
तव प्रभावँ बडवानलहि
जारि सकइ खलु तूल ।।
( सुंदरकाड, दो. 33)
जय जय सियाराम 🙏🙏
श्री हनुमान जी माता सीता जी का पता लगाकर और लंकादहन कर वापस श्री राम जी के पास लौट आए हैं । श्री राम जी पूछते हैं कि ये सब आपने कैसे किया । श्री हनुमान जी कहते हैं कि हे प्रभु ! जिसपर आप अनुकूल रहते हैं उसके लिए कुछ भी कठिन नहीं है । आपके प्रभाव से छोटा ब्यक्ति भी बड़ा से बड़ा कार्य कर सकता है ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी को अनुकूल कर हम आप भी अपने जीवन में बड़ा से बड़ा काम कर सकते हैं परंतु अनुकूलता सेवा से मिलती है । अत: अपनी श्री राम सेवा बढ़ाइए, असंभव को संभव बनाइए । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

