15 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कोप भवन सुनि सकुचेउ राऊ।
भय बस अगहुड. परइ न पाऊ ।
सुरपति बसइ बाहँबल जाकें ।
नरपति सकल रहहिं रुख़ ताकें
सो सुनि तिय रिस गयउ सुखाई ।
देखहु काम प्रताप बड़ाई ।।
( अयोध्याकाण्ड 24/1)
जय सियाराम 🙏🙏
माता कैकेई कोपभवन में चली गई है, महाराज श्री दशरथ जी उनसे मिलने जाते हैं, कोपभवन का नाम सुनकर श्री दसरथ जी सहम जाते हैं , डर के मारे उनका पाँव आगे नहीं बढ़ता है । देवराज इंद्र जिनके बाहुबल पर आश्रित है , सभी राजा जिनका रुख़ देखते रहते हैं, वही पत्नी का क्रोध सुनकर सूख गये, समय का प्रताप व महिमा तो देखिए ।
बंधुवर ! महाराज श्री दशरथ जी की तरह संसार में हम सभी जीव पर भी श्री राम जी को भूलते ही काम (इच्छा) हावी हो जाता है । अतः आप काम के वश में नहीं होना चाहते हैं तो सदा श्री राम जी को स्मरण करते रहें ताकि चित्त में सांसारिक काम चिपकने न पाए। अतः श्री सीताराम नाम का भजन निरन्तर करते रहें । अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

