23 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
उमा जे राम चरन रत,
बिगत काम मद क्रोध ।
निज प्रभुमय देखहिं जगत,
केहि सन करहिं बिरोध ।।
( उत्तरकांड, दो . 112)
जय सियाराम 🙏🙏
पूज्य लोमस ऋषि ने श्री काकभुसुंडि जी को कौआ होने का श्राप दे दिया है जिसे काकभुसुंडि ने स्वीकार कर लिया और कौआ बन उड़ चले। भगवान शिव जी माता पार्वती से कहते हैं कि उमा ! जो श्री राम चरणों के प्रेमी हैं और काम, क्रोध, मद, लोभ एवं अहंकार से रहित हैं, वे जगत को श्री राम मय देखते हैं, फिर वे किससे विरोध करें ? अर्थात उस रामप्रेमी भक्त का किसी से भी विरोध नही हो सकता।
आत्मीय जन! सच्चा श्री राम प्रेमी वही है जो सारे जगत को राममय देखता है, परिणाम में उसका किसी से विरोध नहीं रहता है। हम आप तो जगत को रागमय नहीं देखते हैं, इसीलिए सबसे उलझे रहते हैं । अतः सच्चे श्री राम प्रेमी बनें और निरन्तर श्री सीताराम नाम का भजन करते रहें । अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

