5 जनवरी .श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
नाथ न रथ नहिं तन पद त्राना ।
केहि बिधि जितब बीर बलवाना।
सुनहु सखा कह कृपानिधाना ।
जेहिं जय होइ सो स्यंदन आना।
सखा धर्ममय अस रथ जाकें ।
जीतन कहँ न कतहुँ रिपु ताकें ।।
( लंकाकांड 79/2-6)
राम राम जी 🙏🙏
श्री राम जी व रावण का युद्ध शुरु हो गया है । रावण रथ पर सवार है और श्री राम जी पैदल युद्ध कर रहें हैं । यह देख विभीषण अधीर हो जाते हैं । वे श्री राम जी से कहते हैं कि नाथ ! न आपके पास रथ है , न शरीर रक्षा के लिए कवच है , बलवान रावण को आप कैसे जीत पाएंगे। श्री राम जी कहते हैं कि मित्र! सुनो , जिससे जीत होती है वह रथ दूसरा ही है । धर्ममय रथ जिसके पास होता है उसके जीतने के लिए कहीं भी शत्रु नहीं हैं ।
बंधुवर ! हमारे पास सब कुछ है परंतु वह धर्ममय रथ नहीं है इसीलिए जीत नहीं होती है । श्री राममय होना ही धर्ममय होना है जो हमें रिपुहीन कर देता है । अतः श्री सीताराम नाम भजन करें और राममय हो जाएँ । अस्तु…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

