26 फ़रवरी:श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
चले साथ अस मंत्रु दृढाई।
सुर दुर्लभ सुख सदन बिहाई ।
राम चरन पंकज प्रिय जिन्हही।
बिषय भोग बस करहिं कि तिन्हही।।
( अयोध्याकाण्ड 83/4)
जय सियाराम 🙏🙏
श्री राम जी सबको समझाकर वन चल पड़े हैं । सबने विचार किया कि श्री राम जी के बिना अयोध्या में हमारा कोई काम नहीं है। देव दुर्लभ सुखों से युक्त घरों को छोड़कर सब श्री राम जी के साथ चल पड़े हैं, जिन्हें श्री राम चरण प्रिय होता है,उन्हें विषय भोग भला क्या अपने वश में कर सकते हैं ? कदापि नहीं ।
आत्मीय जन ! जब श्री राम चरण प्रिय हो जाते हैं, तब विषय भोग अप्रिय हो जाते हैं । श्री राम प्रियता सुख देती है जबकि विषय भोग दुख देते हैं । अतः अयोध्या वासियों की तरह श्री राम चरणों के प्रेमी बनें, श्री राम चरणों की शरणागति लें, जीवन के वास्तविक सुख स्वतः प्राप्त हो जाएंगे। अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

