सीमित संसाधनों में ग्राम पंचायत का विकास करने वाले श्रेष्ठ प्रधानों का शुक्रवार को सम्मान हुआ। एशियन पेंट्स श्रेष्ठ प्रधान के तहत चयनित 30 प्रधानों को प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सम्मानित किया। अमर उजाला इस कार्यक्रम का मीडिया पाटर्नर रहा। मंत्री ने नवाचार संग गांव का विकास करने वाले प्रधानों को सम्मानित किया। असीम अरुण ने कहा कि गांव में जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रधानों को सम्मानित करना सौभाग्य की बात है। अच्छे कार्यों को बढ़ावा देने का यह सकारात्मक कदम है। श्रेष्ठ प्रधानों की सफलता की कहानियां सबके सामने आनीं चाहिए। उन्होंने प्रधानों का आह्वान किया कि विकास कार्य में अफसरों संग बेहतर समन्वय रखें। एक दूसरे के सहयोग से बेहतर काम होता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और शक्ति के बीच समन्वय होना चाहिए। चयनित जनप्रतिनिधियों की क्षमता के विकास पर फोकस होना चाहिए। जब कोई प्रधान बनता है तो बहुत छोटा सा प्रशिक्षण होता है। इसलिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है। प्रधान को काम समझाने वाला कोई नहीं होता है। प्रधानों के लिए एक हेल्पलाइन होनी चाहिए जिससे जब उन्हें कोई दिक्कत हो तो वे सलाह ले सकें। उन्होंने तकनीक का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने का आह्वान करते हुए यूपी 112 का जिक्र किया। कहा, पहले लोगों को समय पर पुलिस न पहुंचने की शिकायत थी। अब पुलिसकर्मी एक सुपर सिस्टम के तहत काम कर रहे हैं। रिस्पांस टाइम बेहतर हुआ है। यह सब तकनीक के प्रयोग से संभव हुआ है। तकनीक संग विकास हमेशा बेहतर परिणाम देता है। इस मौके पर एशियन पेंट्स के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की।

