*सीएसआईआर जिज्ञासा ने ईपीआईसी हैकथॉन किया लॉन्च: “विज्ञान से विकसित भारत” के लिए विद्यार्थियों के नवाचार एवं रचनात्मकता को सशक्त बनाना*
*”सीएसआईआर जिज्ञासा द्वारा ईपीआईसी हैकथॉन-2024: वैज्ञानिक रूप से सशक्त भारत के लिए नवीन समाधानों का प्रवेश द्वार”*
*सीएसआईआर ईपीआईसी हैकथॉन-2024: स्वास्थ्य, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा में स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है”*
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। भारतीय औद्योगिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने 5 जनवरी, 2024 को जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत ईपीआईसी (एम्पावरिंग प्यूपिल इनोवेशन एंड क्रिएटिविटी) हैकाथॉन की शुरुआत की। इस ईपीआईसी इवेंट का विषय है “विज्ञान से विकसित भारत” – जिससे विद्यालय के छात्रों में जिज्ञासा, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सांस्कृतिक विकसित की जा सकेगी।
ऑनलाइन लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान, सीएसआईआर-एचआरडीजी की प्रमुख डॉ. गीता वाणी रायसम ने छात्रों के बीच वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए सीएसआईआर जिज्ञासा कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर जिज्ञासा कार्यक्रम से 5 लाख से अधिक छात्र और शिक्षक लाभान्वित हुए हैं। आईआईएम बैंगलोर के निदेशक प्रोफेसर ऋषिकेश टी कृष्णा ने पोर्टल लॉन्च किया और मुख्य भाषण दिया। उन्होंने अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को प्रेरित करने में ईपीआईसी पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवप्रवर्तन कोई एक बार की गतिविधि नहीं है, आपको इसे एक ऐसी क्षमता के रूप में विकसित करना चाहिए जिसका उपयोग आप जीवन भर कर सकते हैं। उन्होंने उत्कृष्ट नवाचार के लिए छात्रों को समाज की सही समस्या को चुनने और उसे बेहतर तरीके से हल करने को कहा।
कार्यक्रम में सीएसआईआर-सीडीआरआई लखनऊ की निदेशक डॉ. राधा रंगराजन ने “एक स्वास्थ्य” की अवधारणा पर केंद्रित ज्ञानवर्धक जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों का ध्यान रोगाणुरोधी प्रतिरोधी (एएमआर) की ओर आकर्षित किया, जो दुनिया भर में एक मूक महामारी है। उन्होंने एएमआर को समाप्त करने के विचार दिए एवं छात्रों से नए नवाचार के साथ ईपीआईसी मे भाग लेने को कहा। सीएसआईआर-आईएमएमटी के निदेशक डॉ. रामानुजन नारायण ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा पर गहन चर्चा की और छात्रों को स्थायी समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को हरित ऊर्जा, हाइड्रोजन का भविष्य के ईंधन के रूप में उपयोग एवं कई अन्य चीजों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, छात्रों को बस हमारे आसपास की प्रकृति का निरीक्षण करने, सही समस्या को महसूस करने और अपने नवीन विचारों के साथ आने की जरूरत है और सीएसआईआर आपके विचारों को वैज्ञानिक रूप से मान्य करने में आपकी मदद करता है।
*ईपीआईसी हैकाथॉन के लिए आवेदन 5 जनवरी से 5 फरवरी, 2024 तक खुले रहेंगे। शीर्ष 100 आवेदकों को ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप में भाग लेने और प्रमुख वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में अपने विचारों पर काम करने का अवसर मिलेगा। शीर्ष 5 विजेताओं को 26 सितंबर, 2023 को सम्मानित किया जाएगा।*
हैकथॉन के लिए प्रस्तुत प्रोजेक्ट “स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा और एक स्वास्थ्य” विषय पर केंद्रित होनी चाहिए। प्रोजेक्ट सबमिशन का वर्गीकरण जूनियर (कक्षा 7 से 9) और सीनियर (कक्षा 10 से 12) स्तरों में किया जाएगा। सीएसआईआर छात्रों को अपनी रचनात्मकता को उजागर करने एवं सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने वाले अभिनव समाधानों में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ईपीआईसी में भाग लेने से, छात्र उज्जवल और अधिक सतत भविष्य के लिए आवश्यक वैज्ञानिक प्रगति में अभिन्न योगदानकर्ता बन सकते हैं।

