ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने 2017-18 से अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना “सीएसटीयूपी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट ग्रांट स्कीम“ शुरू की। इस परियोजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैंः-
इंजीनियरिंग छात्रों में नवाचार, अनुसंधान और विज्ञान के प्रति रुचि का विकास करना।
स्थानीय समस्याओं के समाधान में प्रौद्योगिकी का उपयोग प्रोत्साहित करना।
इंजीनियरिंग छात्रों को सार्वजनिक उपयोगिताओं के लिए परियोजनाओं का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करना।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद,् उत्तर प्रदेश (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश) के पास अपना एक नवप्रवर्तन खंड है। नवप्रवर्तन खंड को उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किया गया है। वर्तमान में, राधे लाल, संयुक्त निदेशक नवप्रवर्तन खण्ड के प्रभारी हैं। संदीप द्विवेदी नवप्रवर्तन खण्ड में नवप्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। नवप्रवर्तन खंड द्वारा इस परियोजना को वर्ष 2017 में प्रारम्भ किया गया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद,् उत्तर प्रदेश (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश) के द्वारा आयोजित किए जा रहे इस सीएसटी यूपी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट ग्रांट स्कीम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रौद्योगिकी कॉलेज और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत बी0टेक0 अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों से इंजीनियरिंग प्रोजेक्टस को आमंत्रित किया जाता है। सभी प्रोजेक्टस विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विषय विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन के बाद, सीएसटी द्वारा चयनित परियोजनाओं को दो भागों में 20,000 रुपये के अनुदान दिया जाता है तथा विद्यार्थियों के बैंक खाते में सीधे अनुदान राशि भेजी जाती है। सभी तैयार प्रोजेक्टस की एक प्रदर्शनी लगायी जाती है तथा सर्वश्रेष्ठ तीन प्रोजेक्टस को इस योजना के अंतर्गत पहला पहला पुरस्कार 1,00,000 रुपये, दूसरा पुरस्कार 75,000 रुपये और तीसरा पुरस्कार 50,000 रुपये प्रदान किये जाते हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद,् उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2022-23 के लिए इंजीनियरिंग प्रोजेक्टस को आमंत्रित किया है। कुल 58 प्रोजेक्टस को 20000 रूपये की अनुदान राशि के लिए चुना गया तथा इन्हीं 58 प्रोजेक्टस के प्रदर्शन के लिए दिनांक 29 अप्रैल 2023 को विद्यार्थियों की टीमों एवं उनके गाइड के साथ प्रदर्शनी में आमंत्रित किया गया है। 9 सदस्य तकनीकी विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा उनके प्रोजेक्ट का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा तथा उनमें से तीन विजेताओं को भी चयनित किया जायेगा जिन्हें क्रमशः एक लाख, पचहत्तर हजार तथा पचास हजार रूपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ0प्र0 की ओर से प्रदान किया जायेगा। इन्जीनियरिंग के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में अध्ययनरत् विद्यार्थी भी इस प्रदर्शनी का भ्रमण कर सकते हैं। यदि किसी जनसामान्य को इस प्रदर्शनी का भ्रमण करना है तो वे नवप्रवर्तन खण्ड से सम्पर्क कर सकते हैं।
यह कार्यक्रम परिषद के परिसर विज्ञान भवन में आयोजित हो रहा है तथा इसमें मुख्य अतिथि आलोक कुमार, प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उत्तर प्रदेश शासन रहेंगे तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के सचिव श्री शिवप्रसाद एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उत्तर प्रदेश के निदेशक अनिल यादव सम्पूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे तथा विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे।
आप सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सीएसटी यूपी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट ग्रांट स्कीम की प्रदर्शनी में भ्रमण हेतु सादर आमंत्रित हैं। आपके आने से उत्तर प्रदेश के इन्जीनियरिंग विद्यार्थियों का मनोबल बढे़गा।
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करेंः-
1. राधेलाल, संयुक्त निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ0प्र0, 8573051445
2. संदीप कुमार द्विवेदी, नवप्रवर्तन अधिकारी (आ0), विप्रौप0, 7905378951
सुमित कुमार श्रीवास्तव,
वैज्ञानिक अधिकारी, विप्रौप0, (मीडिया प्रभारी)
8009855777

