स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर में टैबलेट / स्मार्ट फोन का वितरण

स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर में टैबलेट / स्मार्ट फोन का वितरण

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। योगेन्द्र उपाध्याय कैबिनेट मंत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा तथा इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा “स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना” के तहत रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर, उत्तर प्रदेश में दिनांक 18 दिसम्बर, 2023 को एम.टेक. इन रिमोट सेन्सिंग तथा जी.आई.एस. के छात्र/छात्राओं को टैबलेटस् वितरित किये गये। इस अवसर पर मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जी द्वारा आर.एस.ए.सी., यू.पी. में संचालित एम.टेक कार्यकम में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स एवं मशीन लर्निंग से सम्बन्धित व्याख्यान श्रृंखलाओं का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने छात्र/छात्राओं से डिजिटल शक्ति के रूप में आवंटित किये गये टैबलेटस् का उपयोग देश के विकास कार्यों हेतु किये जाने का आवाहन किया गया। उन्होंने कहा कि टैबलेट वितरण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। श्री उपाध्याय ने वैज्ञानिकों एवं छात्र/छात्राओं से कहा कि समाज से जो जिम्मेदारी हमें मिली है उसका हम निष्ठापूर्वक पालन करें, प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल सशक्तिकरण की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुये स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास, पैरामेडिकल तथा नर्सिंग के विभिन्न शिक्षण संस्थानो में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत टैबलेट / स्मार्ट फोन उनके सम्बन्धित विश्वविद्यालय / महाविद्यालय / संस्थान के माध्यम से वितरित किये जा रहे हैं तथा इस योजना का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों का डिजिटल सशक्तिकरण है, जिससे उनका शैक्षणिक एवं कैरियर सम्बंधी विकास हो सके। रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर उत्तर प्रदेश द्वारा भी आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों में शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यकम चलाये जा रहें है जिससे प्रदेश के युवा लाभान्वित हो सकेंगे। कृषि, जल, मृदा, वन तथा भू संसाधनों, ग्रामीण तथा नगरीय विकास एवं विभागीय पोर्टल्स के सृजन में रिमोट सेन्सिंग एप्लीकेशन्स सेन्टर द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा इस अवसर पर शिक्षा को संस्कार, रोजगार तथा विज्ञान से जोड़ने का भी आवाहन किया गया। उन्होने कहा कि शिक्षा के माध्यम से स्वाबलम्बी बनना अर्थात शिक्षा को रोजगार से जोड़ना है। सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार करते हुए अंतिम छोर तक शिक्षा पहुँचाने का सशक्त प्रयास किया गया है। श्री उपाध्याय ने आगे कहा कि हमारे देश में हर प्रकार के प्राकृतिक संसाधन हैं तथा वर्ष 2047 में विकसित देशों की श्रेणी में भारत को लाने हेतु महत्वपूर्ण प्रयास किये जाने चाहिए, इस हेतु आर.एस.ए.सी., यू.पी. के द्वारा किये जा रहे वैज्ञानिक कार्य महत्वपूर्ण होंगे तथा रिमोट सेन्सिंग, आई.टी. एवं आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स के माध्यम इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि नरेन्द्र भूषण प्रमुख सचिव विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा अध्यक्ष, प्रबन्धकारिणीसमिति आर.एस.ए.सी., यू.पी. ने कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कम्प्यूटर अधारित जी.आई.एस. तथा उभरती हुयी नयी अत्याधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशीयल इन्टेलीजेन्स एवं मशीन लर्निंग का समागम प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को 1 ट्रिलियन डालर इकानमी बनाये जाने के मा० मुख्य मंत्री जी द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। श्री नरेन्द्र भूषण ने आगे कहा कि आर.एस.ए.सी., यू.पी. द्वारा विद्यार्थियो को आर्टिफिशीयल इन्टेलीजेन्स, मशीन लर्निंग तथा फाईव जी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की शिक्षा प्रदान करते हुए मा० प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। नरेन्द्र भूषण ने आर.एस.ए.सी., यू.पी. में रिमोट सेन्सिंग तकनीक में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें प्रशिक्षार्थियों से भी संवाद किया उन्होने आर.एस. ए.सी.यू.पी. के स्कूल आफ जियो इन्फामेटिक्स के एम.टेक के छात्र/छात्राओं से भी विस्तार से चर्चा की।

डा० पी. कुँवर निदेशक, आर.एस.ए.सी., यू.पी. ने छात्र/छात्राओं से रिमोट सेन्सिंग तकनीकों का उपयोग कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने का आवाहन किया तथा प्राकृतिक संसाधनो के क्षेत्र में आर.एस.ए.सी., यू.पी. द्वारा किये जा रहे कार्यों का विस्तार से वर्णन किया। डा० सुधाकर शुक्ला प्रभागाध्यक्ष स्कूल ऑफ जियो इन्फारमेटिक्स ने आर.एस.ए. सी., यू.पी. द्वारा संचालित एम.टेक कार्यक्रम के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा अधिकाधिक छात्र/छात्राओं को रिमोट सेन्सिंग में उच्च शिक्षा दिये जाने हेतु प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम में आर.एस.ए.सी. के एम.टेक. कार्यक्रम के समस्त फैकल्टी मेम्बर्स, वैज्ञानिक तथा एम.टेक. के लाभार्थी छात्र/छात्राएं उपस्थित थे। अमित सिन्हा द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

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