हिन्दी पर छोटी बालिका के मन का भाव

हम भारतीय हम भारतीय
हिन्दी हमारी मातृभाषा
जिसकी गोदी मे खेल खेल कर
जिसके आंचल में लिपट लिपट कर
अपना होश सम्हाला है
यही मेरी मंदिर है, गिरजाघर और शिवाला है,
मीठी गोली इसमें है,
प्री ति की बोली इसमें है
इसमें रिश्ते नाते है
ठिठुरी पूस की रातें हैं
अपनेपन की बातें हैं
पन्ना की गौरव गाथा है
राम भरत जैसे भ्राता है
कल कल करती नदियां हैं
गीत गाती सखियां हैं
बच्चों की तोतली बतियां हैं
इसमें चौंका थाली है
घरवालों की घरवाली है,
बर्तनों में प्याली है
फूल तोड़ता माली है
मौसम चतुर्मासी है
इस लिए हिन्दी हम सबको भाती है,
हिन्दी हमारी माटी है
, हिन्दी हमारी थाती है
हिन्दी हमारी रोटी है,
हिन्दी हमारा परिधान है
हिन्दी हमारी जान है
हिन्दी हमारा मान है
हिन्दी हमारा सम्मान है
यही हमारी पहचान है
नाम _ दिव्या शुक्ला
कक्षा _ छ
विद्यालय _ नारायणा पब्लिक स्कूल गोण्डा

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