इंजीनियर्स डे पर एकेटीयू और एसआरएमयू में भव्य संगोष्ठी, देशभर में वैज्ञानिक सोच पर हुआ संवाद
लखनऊ ब्यूरो चीफ
लखनऊ। भारत भर में सोमवार को इंजीनियर्स डे धूमधाम से मनाया गया। यह दिन देश के महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर समर्पित है। इस अवसर पर तकनीकी नवाचार, प्रेरक व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं को वैज्ञानिक सोच और देश सेवा की भावना से प्रेरित किया गया।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित संगोष्ठी का संयोजन अंकुर जी ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगारिया ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी है। आज का इंजीनियर नई सोच और सामाजिक चेतना के साथ विकास में योगदान करे।डॉ.आकाश वेद जी, इकाई अध्यक्ष अंकुर अवस्थी,सेंटर फॉर अडवांस स्ट्डीज के डॉक्टर सिद्धार्थ यादव प्रमुख रूप मौजूद रहे।
श्री राम स्वरुप मेमोरियल यूनिवर्सिटी लखनऊ में मुख्य अतिथि के रूप में बीबीएयू के डॉ. रविन्द्र कटियार और डॉ. रुनीता मरवाह उपस्थित हुए। डॉ. कटियार ने कहा कि इंजीनियर्स डे हमें नवाचार की ओर प्रेरित करता है। हर युवा को टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।डॉ. रुनीता मरवाह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की समस्याओं को सुलझाने के लिए अपने तकनीकी कौशल का उपयोग करें।
एसआरएमयू के कंप्यूटर साइंस और इनफॉर्मेशन सिस्टम विभाग के हेड प्रो. बिनीत कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक और ज्ञान को परम पूज्य माना गया है। इंजीनियरिंग का उद्देश्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना है। हमारे युवा इस परंपरा का अनुसरण करते हुए तकनीक के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाएं।इस मौके पर डॉ. नित्यानंद, निर्भय तिवारी, आकृति निगम,कार्तिकेश तिवारी,मेघा अग्रवाल, डॉ. अर्चना मौर्या, डॉ. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. निधि तिवारी,डॉ शैलेन्द्र, डॉ. अभिषेक आदि मौजूद रहे।
इसी अवसर पर देश के अन्य प्रमुख संस्थानों ने भी विविध आयोजन किए।आईआईटी दिल्ली में स्मार्ट सिटी से जुड़े तकनीकी नवाचार प्रतियोगिता आयोजित की गई। इंजीनियर्स डे ने देशभर के छात्रों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और देश सेवा की भावना को प्रोत्साहित किया।

