ख़बर गोरखपुर: ब्यूरो चीफ आशुतोष चौधरी
प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने की समीक्षा, कहा 31 अक्टूबर तक हर हाल में ऑनलाइन आवेदन पूरा करें*
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा को लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर एनेक्सी सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति, ऑनलाइन आवेदन, वेरिफिकेशन एवं भुगतान की तैयारी की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति वितरण कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राचार्य यह सुनिश्चित करें कि पात्र छात्र-छात्राएं 31 अक्टूबर 2025 तक अपने ऑनलाइन आवेदन (फॉर्म) अवश्य जमा कर दें।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन छात्रों के आवेदन सही पाए जाएंगे, उनके खातों में 28 नवंबर 2025 को छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाएगी। उन्होंने सभी संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विद्यालय या कॉलेज में डेटा फीडिंग या वेरिफिकेशन में लापरवाही पाई गई तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने जनपद गोरखपुर में छात्रवृत्ति वितरण से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध 514 विद्यालयों में से 385 विद्यालयों ने अब तक छात्रवृत्ति का डेटा भर दिया है। इन विद्यालयों के माध्यम से अब तक लगभग 29,000 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें से एक बड़े हिस्से का वेरिफिकेशन कार्य पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने निर्देश दिया कि शेष विद्यालय भी शीघ्रता से डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी करें ताकि कोई भी पात्र छात्र आवेदन की अंतिम तिथि से पहले वंचित न रह जाए।
प्रमुख सचिव ने बताया कि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखनाथ विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय सहित इनके अधीनस्थ 159 कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिया जाएगा। जो छात्र समय से ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, उन्हें नियमानुसार राशि उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के शिक्षा अधिकारों के प्रति संवेदनशील है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र छात्र को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग मिले।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जिले में छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। विद्यालयों और कॉलेजों के स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, ताकि किसी भी छात्र को तकनीकी दिक्कत न हो।
मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि विकास खंड स्तर पर भी मॉनिटरिंग सेल बनाए गए हैं। इनकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को सौंपी जा रही है ताकि लक्ष्य समय से पूरा हो सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अमरकांत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी बी एन सिंह, और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्रद्धा मिश्रा ने बताया कि छात्रवृत्ति फॉर्म भरने और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर विद्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
बैठक में जनपद के सभी प्रधानाचार्य, महाविद्यालयों के प्राचार्य और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने सभी से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन किसी भी स्थिति में लंबित न रहें।
बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि “सरकार की मंशा स्पष्ट है शिक्षा हर छात्र का अधिकार है। किसी भी पात्र विद्यार्थी को केवल लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति से वंचित नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों को अंतिम चेतावनी दी कि यदि किसी विद्यालय या कॉलेज में विद्यार्थियों के आवेदन लंबित पाए गए, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य की मानी जाएगी।
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*सीडीओ ने गगहा विकास खंड का किया औचक निरीक्षण*
*बीडीओ अनुपस्थित पाए गए ,कारण बताओ नोटिस जारी, 25 अक्टूबर का वेतन रोकने का आदेश*
गोरखपुर।जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर जनपद में सुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने शनिवार को विकासखंड गगहा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) रजत गुप्ता कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए।
सीडीओ ने बीडीओ की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया और साथ ही 25 अक्टूबर 2025 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी का बिना सूचना के अनुपस्थित रहना शासन की प्राथमिक योजनाओं और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में बाधक है।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने पाया कि कार्यालय में आने वाले ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे। बीडीओ की अनुपस्थिति के कारण आम जन की कई समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। सीडीओ ने इसे शासन की मंशा के विपरीत बताते हुए कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, ऐसे में अधिकारी का इस तरह अनुपस्थित रहना कर्तव्यहीनता और लापरवाही की श्रेणी में आता है।
सीडीओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आपके अनुपस्थिति के कारण आम जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया। यह आपके कार्य में उदासीनता और शासनादेशों की अवहेलना का स्पष्ट उदाहरण है। आप बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे हैं, जो प्रशासनिक अनुशासन के विपरीत है।”
सीडीओ ने निर्देश दिया कि खण्ड विकास अधिकारी रजत गुप्ता तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन जनता की सुविधा और शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे में अधिकारी-कर्मचारियों का समय से कार्यालय में उपस्थित रहना और जनसुनवाई करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विकास खंड अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि “आगे भी ब्लॉकों और शिक्षण संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण नियमित रूप से किया जाएगा। अगर कोई अधिकारी बिना सूचना अनुपस्थित पाया गया, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक अधिकारी जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाए और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुँचाया जाए।
औचक निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कार्यालय के अभिलेखों, उपस्थिति रजिस्टर, शिकायत निवारण रजिस्टर तथा विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट का भी परीक्षण किया। उन्होंने अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित।
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*उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक*
गोरखपुर-उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सर्किट हाउस में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को दवा, जांच और आपात सेवाएं समय से मिलनी चाहिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं को मॉडल स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में एनडीए पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगा।
*प्रमुख सचिव ने छात्रवृत्ति वितरण की प्रगति समीक्षा की*
गोरखपुर-पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि सभी पात्र छात्र 31 अक्टूबर तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विद्यालय या कॉलेज में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र छात्र आर्थिक अभाव में शिक्षा से वंचित न हो।
*31 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति आवेदन पूर्ण करने का दिया निर्देश*
गोरखपुर- प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि विद्यालय और कॉलेज यह सुनिश्चित करें कि पात्र छात्र 31 अक्टूबर तक आवेदन कर लें। उन्होंने बताया कि सही पाए गए आवेदनों की धनराशि 28 नवंबर को सीधे छात्रों के खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी संस्थान में आवेदन लंबित पाए गए तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य की होगी।

