
उमाकान्त श्रीवास्तव ब्यूरो
शाहजहाँपुर : – – जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सम्भावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में संबंधित विभागों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए विभागवार आवश्यक निर्देश दिये गये । जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देशित करते हुये कहा कि आवश्यक स्थलों पर वायरलेस सेट की स्थापना करने के साथ कैम्प में सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किये जायें। महिलाओं की विशेष सुरक्षा हेतु महिला गार्ड (होमगार्ड/पी०आर०डी० आदि) की नियमित पालीवार (24 ×7) ड्यूटी लगाई जाये। पुलिस विभाग का एक वायरलेस तहसील कलान में है।
वहीं चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि बाढ़ चौकियों पर अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी की सूची व दवाईयों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। तथा चौकियों को सक्रिय रखने के साथ संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के फोन नम्बर संबंधित तहसील व जनपद स्तरीय आपदा कार्यालय में 03 दिवस के अन्दर उपलब्ध करा दिए जाए। बाढ़ क्षेत्र की समस्त सी0 एच0 सी0 / पी0 एच0 सी0 / मेडिकल टीमों आदि को एक्टिव करते हुए उनकी सूचना तहसील स्तर/जनपद स्तरीय आपदा कार्यालय में 03 दिवस के अन्दर उपलब्ध करा दी जाए। राहत कैम्प में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों/गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण तथा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों, 108/102 एम्बुलेन्स एवं 24 घंटे डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। बाढ़ के दौरान सर्पदंश एवं बिच्छूदंश आदि की घटनाएं प्रायः घटित होती हैं जिसके लिये पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रखी जाये। उन्होने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि बाढ़ आने के पश्चात पशुओं को किन कैम्पों में भेजा जाएगा उनका चिन्हीकरण करते हुए उसकी कार्ययोजना 03 दिवस के अन्दर उपलब्ध कराये । उक्त कैम्प में पशुओं के लिए चारा , स्वच्छ पेयजल एवं पशुओं में होने वाली बीमारी खुरपका , मुंहपका आदि की रोकथाम हेतु टीकाकरण एवं आवश्यक दवाओं आदि की व्यवस्था की जाये। पशु कैम्पों में प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जायेगी । जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी से कहा कि बाढ़ के दौरान राहत कैम्पों आदि स्थानों पर 05 किलो ग्रा0 गैस की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। बाढ़ चौकियों पर सम्बन्धित राशन की दुकान के दुकानदार का नाम व दुकान का स्थल / बाढ़ चौकियों पर राशन की दुकानों पर सामान उपलब्धता की जावे । लोक निर्माण विभाग से कहा कि सम्पर्क मार्ग का चिन्हीकरण करते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बैठक कर यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि पानी आने के बाद कौन-कौन से मार्ग प्रभावित होंगे और कौन से वैकल्पिक मार्ग होंगे। जिससे राहत वितरण व बचाव राहत कार्य किया जायेगा।
उन्होने कहा कि सिंचाई (शारदा नहर खण्ड) द्वारा प्रभावित तहसीलों-कलान /जलालाबाद / तिलहर में बाढ़ बचाव हेतु कराये जा रहे कार्य पूर्ण कर लिए जाए। बाढ़ चौकियों की स्थापना करते हुए सक्रियता बनाई जाए। जनपद में गंगा , राम गंगा , गर्रा , खन्नौत , बहगुल आदि नदियों पर बाढ़ कार्यो की संक्षिप्त टिप्पणी मानचित्र सहित विवरण जनपद स्तरीय आपदा कार्यालय में 03 दिवस के अन्दर उपलब्ध करा दिया जाए।बाढ़ से पूर्व नदियों में जमे सिल्ट/बालू को हटाये जाने का कार्य किया जाता है। इस सम्बन्ध में यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि नदियों की तलहटी से निकाली गयी बालू को किसी एक जगह जमा न रहे। इस तरह की जमा बालू को नीलामी के माध्यम से तत्काल हटाया जाए। जिला प्रबन्धन दूर संचार निगम जनपद की समस्त टेलीफोन लाइनों को ठीक कराकर प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित समस्त कार्यालयों व अन्य स्थानों के दूरभाष लाइन को ठीक कराया जाए।
वहीं जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान बीज व खाद्य की उपलब्धता समय से सुनिश्चित कर ली जाए।बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त फसलों में बीमा के अंतर्गत लाभान्वित कृषकों को समय से लाभ दिलाया जाये। वहीँ विद्युत विभाग राहत कैम्प में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए व्यवस्था के रूप में जेनसेट का प्रबंधन किया जाये तथा परिवहन विभाग बाढ़ के दौरान बचाव व राहत कार्य हेतु आवश्यक वाहनों बस , ट्रैक्टर , टेम्पो , डाला इत्यादि की व्यवस्था कर ली जाए और उससे संबंधित विवरण आपदा कार्यालय विभाग 03 दिवस के अन्दर उपलब्ध करा दिया जाए।

