
आजमगढ़ के पारा गांव के अपहृत दंपती की हत्या मामले में शुक्रवार सुबह नया मोड़ आ गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को फुलवरिया बाजार के सजनी मोड़ पर रखकर सुबह आठ बजे चक्का जाम कर दिया। घटना की जानकारी होते ही सीओ फूलपुर गोपाल स्वरूप बाजपेयी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। उन्हें वापस होना पड़ा।
इसके बाद एसडीएम फूलपुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाना शुरू किया। परिवार के लोगों ने कहा कि हमारी मांग है कि हमारे भूमि विवाद को हल किया जाए। हमारे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। एसओ अहरौला के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। जबतक मांगें पूरी नहीं होती तबतक जाम समाप्त नहीं होगा। ए
पुलिस पर लापरवाही का है आरोप
सडीएम ने परिवार के लोगों और ग्रामीणों को सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया तब जाकर एक घंटे बाद नौ बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और शवों का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। पारा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह भी दंपती अहरौला थाने पहुंच कर घेराव- प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है।
अपहृत दंपती की सड़क किनारे मिली थी लाश
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के अंबारी बाजार स्थित जनता इंटर कालेज के सामने सड़क किनारे स्थित गड्ढे में बृहस्पतिवार को दो दिनों से अपहृत दंपती की लाश मिली थी। मृतक के भतीजे की तहरीर पर बुधवार को तीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें हत्या की धाराएं बढ़ा दी गईं हैं। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे भूमि विवाद हो सकता है।
अहरौला थाना क्षेत्र के पारा गांव निवासी इंद्रपाल मौर्या बीते मंगलवार को पत्नी शकुंतला के साथ बाइक से शाहगंज दवा लेने गए थे। वहां से तीन बजे उन्होंने परिजनों को फोन कर बताया कि वे घर के लिए निकल रहे हैं। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करना शुरू किया।

