बदहाली की पहचान बनी शहर की वीआईपी कौशलपुरी
कालोनी
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।शहर मे सबसे वीवीआईपी कौशलपुरी कॉलोनी मे इस समय चारों ओर समस्या ही समस्या दिखाई दे रही है।ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों के चलते कौशलपुरी कॉलोनी के लोग गंभीर समस्याओं से भुगत रहे हैं यहां तक की सड़कों की टूटे होने तथा नालियों व डक्ट के खुले होने के चलते कॉलोनी वासी गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर इससे संबंधित विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसके चलते कॉलोनी वासियो में आक्रोश है। देखा जाए तो राम मंदिर परिसर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से आए दिन कोई ना कोई कार्यक्रम बड़े स्तर पर होता है जिसमें राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री भी शामिल होते हैं। वही एक बार फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के अयोध्या आगमन को लेकर अयोध्या धाम को सजाया जा रहा है उसी के दूसरी तरफ़ अयोध्या के सबसे वीवीआईपी कॉलोनी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।देखा जाये तो धर्मनगरी की सबसे प्रतिष्ठित और वीवीआईपी मानी जाने वाली ‘कौशलपुरी कॉलोनी’ इन दिनों सरकारी सिस्टम की अनदेखी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई है। कॉलोनी की बदहाल सड़कों, अधूरे पड़े निर्माण कार्यों और जलभराव की समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से कॉलोनी में सड़कों और नालियों का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम को बीच में ही लटका दिया गया है। जगह-जगह खोदे गए गड्ढे और बिखरी हुई निर्माण सामग्री आए दिन हादसों को दावत दे रही है। बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है।कौशलपुरी के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफ़र रहा। आरोप है कि अधिकारियों की शह पर ही ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं और गुणवत्ता विहीन कार्य हो रहा है। कॉलोनी के मुख्य मार्गों की स्थिति इतनी जर्जर है कि दोपहिया वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो गया है।कॉलोनी के लोगों ने एकजुट होकर कहा की प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे स्थानीय निवासी ने बताया, “इसे वीवीआईपी कॉलोनी कहा जाता है, लेकिन सुविधाएं किसी पिछड़े इलाके से भी बदतर हैं।टैक्स हम समय पर भरते हैं, लेकिन बदले में हमें सिर्फ धूल और गड्ढे मिल रहे हैं।क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य को सही मानकों के साथ पूरा नहीं किया गया और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

