रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस
गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की धरोहर – प्रो. बिनीत कुमार गुप्ता
लखनऊ। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रणाली विभाग में गुरूवार को शिक्षक दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभाग को आकर्षक ढंग से सजाया गया और छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. बिनीत कुमार गुप्ता के स्वागत से हुई। छात्रों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत गीत गाया और फिर शिक्षकों संग केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. बिनीत कुमार गुप्ता ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी धरोहर है, जो प्राचीन काल से चली आ रही है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक पहुँचाना ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है। एक अच्छे शिक्षक की यही जिम्मेदारी होती है कि वह विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य केवल सम्मान करना नहीं बल्कि गुरु-शिष्य के रिश्ते को और मजबूत बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने संकल्प लिया कि वे न केवल एक अच्छे विद्यार्थी बनेंगे, बल्कि अपने आसपास के अशिक्षित एवं भटके हुए युवाओं को सही राह दिखाकर समाज को बेहतर दिशा देंगे। इस मौके पर छात्रों ने गीत, नृत्य और नाटक की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।नमन जायसवाल, गणेश, प्रियानी सिंह, निधि, सौम्या, श्वेता, रमा और प्रतीक सहित अन्य छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों से शिक्षकों का दिल जीत लिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

