9 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
निज अनुभव अब कहउँ खगेसा ।
बिनु हरि भजन न जाहिं कलेसा ।।
(उत्तरकांड 88/2)
राम राम 🙏🙏
अपने मोह की कथा सुनाने के बाद काकभुसुंडि जी गरूड़ महाराज से कहते हैं कि गरूड़ जी ! मेरा अपना अनुभव है कि भगवत भजन बिना कष्ट दूर नहीं होते हैं ।
बन्धु बीते पूरे वर्ष का मेरा भी यही अनुभव है और यही आपसे विनती है कि भजन में लगें, जीवन से क्लेश दूर होंगे ही होंगे । अथ ! राम भजन कर , राम भजन कर, राम भजन तू कर ले बन्दे, मत खोओ अनमोल रतन 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

