27 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
इहाँ पवनसुत हृदयँ बिचारा ।
राम काजु सुग्रीवँ बिसारा ।।
निकट जाइ चरनन्हि सिरु नावा
चारिहु बिधि तेहि कहि समुझावा
( किष्किंधाकांड 18/1)
राम राम 🙏🙏
सुग्रीव जी को राजा बनाकर श्री राम जी वर्षा ऋतु में प्रवर्षण पर्वत पर निवास करते हैं । वर्षा ऋतु बीत जाती है , वे लक्ष्मण से कहते हैं कि शरद ऋतु आ गई पर सीता जी की कोई खबर नहीं है, सुग्रीव भी राज पाकर मुझे भूल गया है । दूसरी ओर हनुमान जी ने विचार किया कि सुग्रीव श्री राम काज भूल गये हैं । वे जाकर सुग्रीव को हर प्रकार से समझाते हैं, श्री राम काज की याद दिलाते हैं ।
आत्मीय जन, सुग्रीव जी की तरह हम आप भी श्री राम स्मरण भूल बैठे हैं , केवल अपने में लगे हुए हैं । सुग्रीव को समझाने के लिए तो श्री हनुमान जी उनके पास हैं , परंतु हमारे पास कोई नही है , अतः भक्त का साथ करें जो हमेशा आपको श्री सीताराम जी की याद दिलाता रहे । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम। सीताराम हनुमान , सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान, सीताराम हनुमान ।🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

