श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

21 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

स्वामि सखा पितु मातु गुर,
जिन्ह के सब तुम तात ।
मन मंदिर तिन्ह कें बसहु,
सीय सहित दोउ भ्रात ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 130)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी वन जाते हुए महर्षि बाल्मीकि जी के आश्रम पहुँचे हैं । वे बाल्मीकि मुनि जी से अपने रहने का स्थान पूछते हैं । महर्षि बाल्मीकि जी कहते हैं कि श्री राम जी ! जिनके आप स्वामी , मित्र, पिता , माता और गुरु सब कुछ आप ही हैं , उनके मन रूपी मंदिर में श्री सीता सहित आप दोनों भाई निवास कीजिये ।
आत्मीय जन ! श्री राम जी तो हमारे सब कुछ बनने के लिए सदा तैयार हैं, हमीं आप केवल उनसे अपना स्वार्थ साधने वाला रिश्ता रखना चाहते हैं तभी वे हमारे साथ नहीं हैं । अतः विचार कर श्री सीताराम जी की भक्ति में निष्काम भाव से लगिए तब देखिए प्रभु हम आप सभी को माता, पिता, स्वामी, सखा एवं गुरु की तरह सर्वविध सुख प्रदान करेंगे, इसके लिये केवल श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें। अथ……. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *