श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

25 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुखी मीन जे नीर अगाधा ।
जिमि हरि सरन न एकउ बाधा ।।
फूलें कमल सोह सर कैसा ।
निर्गुन ब्रह्म सगुन भएँ जैसा ।।
( किष्किंधाकांड 16/1)
राम राम 🙏🙏
सुग्रीव को राजा बनाकर वर्षा ऋतु के दौरान श्री राम जी प्रवर्षन पर्वत पर वास कर रहे हैं । वे श्री लक्ष्मण जी से वर्षा के बारे कहते हैं कि जो मछलियाँ अथाह जल में हैं वे सुखी हैं जैसे भगवान की शरण में जाने पर एक भी बाधा नहीं रहती है ।कमल के फूलने से तालाब कैसी शोभा दे रहा है जैसे निर्गुण ब्रह्म सगुण होने पर शोभित होता है ।
भक्तों ! श्री राम जी अगाध और अथाह जल जैसे आश्रय हैं, हम अपने बल से अपने लिए सीमित आश्रय बना सकते हैं परंतु चिंतित रहेंगे, लेकिन यदि हम श्री राम जी की शरण ले लेतें हैं तो चिंता मुक्त व सुखी हो जाएँगे । अतः श्री राम जी की बाधा रहित आश्रय लेकर आनन्द से रहें । इसके लिये श्री राम नाम का सतत भजन करते रहें……श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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