समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 अभियान का हुआ शुभारंभ, 05 अक्टूबर 2025 तक अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल पर भेजकर अभियान में सक्रिय भागीदारी करें नागरिक – जिलाधिकारी
जौनपुर 08 सितम्बर, 2025 (सू0वि0)- जिलाधिकारी डाॅ0 दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में ‘‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में ’’विजन डॉक्यूमेंट’’ के निर्माण हेतु विकास विभागों, उद्यमियों, व्यापारियों व नागरिकों के सुझावों/प्लान से सम्बंधित बैठक कलेक्टेªट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि विकसित भारत 2047 की अवधारणा को साकार करने हेतु उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा ’’समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047’’ अभियान चलाकर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। इस मिशन में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक समृद्ध और वैश्विक स्तर पर सम्मानित राज्य का निर्माण किया जाएगा। इस मिशन को दिशा प्रदान करने एवं पथ प्रदर्शन हेतु एक विजन डॉक्यूमेंट बनाया जाना है। जिसके लिए शासन द्वारा के0 सचिव मानव अधिकार आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती धनलक्ष्मी, सेवानिवृत्त आईपीएस श्री राजकुमार विश्वकर्मा और श्री प्रमोद कुमार, सेवानिवृत्त प्रोफेसर पूर्वांचल विश्वविद्यालय श्री धरनीधर दुबे, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ० सुरेश कन्नौजिया, सेवानिवृत्त मु० अभि०-स्तर-1 जल निगम श्री अरविंद कुमार सिंह को नोडल अधिकारी नामित करते हुए 10 सितंबर एवं 11 सितंबर को दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
नामित नोडल अधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश के विजन डाॅक्यूमेन्टस की 03 थीम अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति, जीवन शक्ति तथा 12 सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करते हुए जन भागीदारी एवं जन जागरूकता हेतु विभिन्न लक्षित समूहों से राज्य के विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा करेंगे।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जनमानस में जागरूकता उत्पन्न करना तथा नागरिकों की आकांक्षाओं को संज्ञान में लेते हुये जनपद के नागरिकों को विकास में सहयोगी व सहभागी बनाते हुये गर्व की भावना को विकसित करना है। इस अभियान के अंतर्गत नागरिक अपने सुझाव सीधे ऑनलाइन पोर्टल https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर दर्ज कर सकते हैं। इसका विकल्प सूचना सेतु एप पर भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पोर्टल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि इसे मोबाइल और कंप्यूटर, दोनों माध्यमों से आसानी से एक्सेस किया जा सके साथ ही क्यू आर कोड स्कैन कर भी फीडबैक साझा करने की सुविधा उपलब्ध है। सुझाव देने के लिए प्रतिभागियों को पोर्टल पर मोबाईल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर विषय का चयन करना होगा और अपना विचार दर्ज कराना होगा।
उन्होंने बताया कि यह अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, इसमें विद्यार्थी, शिक्षक, किसान, व्यापारी, उद्यमी, श्रमिक संगठन, स्वयंसेवी संगठन, मीडिया और आम नागरिक सभी अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं। उद्देश्य यह है कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक फीडबैक अवश्य प्राप्त हो, ताकि राज्य का विजन व्यापक हो सके। क्यूआर कोड और पोर्टल के जरिए यह प्रक्रिया इतनी सरल बनाई गई है कि छात्र, किसान, गृहिणी या व्यापारी हर कोई अपने विचार तुरंत दर्ज करा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राम अक्षयवर चैहान, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सिंह सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

