अख़बार घाटे का सौदा है, फिर भी पत्रकार जन हित में कार्यरत हैं। मंत्री आशीष शेलार

गऊ भारत भारती अख़बार के 11 वाँ वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री जी ने बता दी कहा कि अख़बार घाटे का सौदा है। फिर भी पत्रकार जन हित में कार्यरत हैं। मंत्री आशीष शेलार

 

 देश की उपासना

ब्यूरो धनन्जय विश्वकर्मा

मुंबई:- 

जुहू के इस्कॉन के सभागार में 6 अगस्त शाम को गऊ भारत भारती अख़बार के 11 वें वर्ष गांठ पर गऊ माता के संरक्षक संजय शर्मा ने आयोजन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के सरकार मंत्री और आयोग के अधिकारी द्वारा गौ माता को संरक्षण व उनके पालन पोषण तथा संरक्षण और उनसे प्राप्त दूध से जुड़ी सभी सामग्रियों व गोअर्क का सेवन पर विशेष चर्चा हुई।

बतादें कि इस कार्यक्रम में गाय को पालने के लिए और उनके द्वारा दूध दही घी आदि से निर्मित गुणकारी पदार्थ को मानव जीवन के शरीर में किस तरीके से लाभकारी होता है। उस पर विस्तार से वक्ताओं ने अपने शब्दों में रखा। गऊ भारत भारती की डॉक्यूमेंट्री फिल्म को दर्शकों को दिखाया गया। अभी तक गऊ भारत भारती द्वारा किए गए सभी गति विधियों को इस फिल्म के माध्यम से बताया। कि गाय को पालने में और उससे निर्मित उपला , लकड़ी,गोमूत्र, और दूध से निर्मित विभिन्न प्रकार की लाभ मानव को होता है। तथा पर्यावरण भी शुद्ध रहता है। जिस तरीके से वृक्षों को काटकर के पर्यावरण को दुष्प्रभावित किया जा रहा है उसको बचाने के लिए अग्रिम कदम उठाया जाए। उन्होंने कहा कि अंत्येष्टि में अब गाय से निर्मित लकड़ी का उपयोग होना चाहिए जिससे पर्यावरण और वृक्ष का बचाव हो सके। 

मुख्य अतिथि भाजपा मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि गऊ भारत भारती के माध्यम से गायों की सेवा और उससे लाभों को समझदारी से मानव जीवन का कल्याण होगा। और इस समय अखबार से गायों की सेवा करना अपने आप में एक बहुत बड़ा मिल का पत्थर साबित होता था। लेकिन संजय आमान ने इसे सहजता से सफल बना दिया। उन्होंने ने कहा कि वर्तमान समय में अखबार का सौदा घाटे का सौदा बन गया है। और महानता यह है कि पत्रकार निष्पक्ष निस्वार्थ सेवा में लगे हुए हैं। 

 शेखर मुद्रा ने कहा कि संजय शर्मा ने गऊ सेवा को लेकर 11 वर्ष तक संघर्ष करके आगे बढ़ाया है। जीवन में हमने पहली बार देखा कि कार्यक्रम से पहले संगीत होता है फिर मुख्य कार्यक्रम होता है। गऊ माता को अभी राज्य माता का दर्जा मिला है। अब वह राष्ट्र स्तर की दर्जा मिलना चाहिए। अर्थात राष्ट्र गऊ माता का स्तर मिलना चाहिए। अहंकारी व्यक्ति केवल भगवान के स्थान पर झुकता है। गुरु बिना गति नहीं होती है। गौमाता, भारत माता, और अपनी माता सभी मां अपने बच्चों का जीवन को सरल बनाने में सहायता करती हैं।

वक्ताओं के कड़ी में धड़क कामगार यूनियन के जर्नल सीक्रेटरी अभिजीत राणे ने कहा कि गाय से मिलने वाले लाभकारी तत्वों से मानव जीवन को सरल और शरीर को निरोग बनाता है। गाय को पालना अति आवश्यक है जो गाय को नहीं पाल सकता वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसके द्वारा निर्मित दूध, दही, घी आदि सेवन ही गऊ माता की सेवा है।

इस अवसर पर अध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी , श्याम बिहारी गुप्ता, गऊ सेवा आयोग मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार,डॉ महेंद्र गर्ग,मुनीर खान, दिनेश विश्वकर्मा, राम कुमार, विपिन गुप्ता, सुनील सेठी, राजेश विक्रांत, शेखर मूंदड़ा, आदि लोग मौजूद रहें।

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