इंडियन इन्वेस्टर फेडरेशन ने किया बैंकिंग लीडरशिप समिट का आयोजन

इंडियन इन्वेस्टर फेडरेशन ने किया बैंकिंग लीडरशिप समिट का आयोजन

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। लखनऊ के ताजमहल होटल में दिनांक 23 दिसंबर को इंडियन इन्वेस्टर फेडरेशन द्वारा बैंकिंग लीडरशिप समिट का आयोजन किया गया। सी पी मिल्क एंड फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा समर्थिंत इस समिट के आयोजन का यह नौवां अध्याय है। शहर के गणमान्य अतिथियों के साथ इस समिट में सभी अग्रणी सरकारी बैंकों के उच्च अधिकारी अपनी टीम के साथ मौजूद थे।

अनुपमा आनंद, प्रिंसिपल एडिशनल डीजी, सीबीडीटी नई दिल्ली , कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी। इनके अलावा अजय खन्ना जीएम सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया,अमरेंद्र कुमार जीएम बैंक ऑफ़ इंडिया, पंकज कुमार सी जी एम नाबार्ड , शरद चांडक सीजीएम एसबीआई ,अजय ठाकुर सीईओ मैनेजिंग पार्टनर ,टी जी आई एस एम ई, मृत्युंजय जीएम पीएनबी ,रंजीव कुमार जीएम कैनरा बैंक ,राजेश कुमार जीएम यूबीआई , एस के गुप्ता सी जी एम इंडियन बैंक,आशुतोष सिंह डीजीएम यूको बैंक , आदित्य प्रकाश डीजीएम बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र आदि सम्मानित अतिथि उपस्थित थे।

समिट में मुख्यतः नए भारत की बैंकिंग एवं अर्थव्यवस्था पर चर्चा हुई। डिजिटल बैंकिंग में भारत की प्रगति और आने वाले वर्षो में देश की अर्थव्यवस्था में बैंको के योगदान पर.सार्थक चर्चा में कई ज़रूरी बिंदुओं को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का आरम्भ मुख्य अतिथि एवं अन्य सम्मानित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। क्रायक्रम का पहला हिस्सा पैनल डिस्कशन के नाम रहा।
अनुपमा आनंद, प्रिंसिपल एडिशनल डीजी, सीबीडीटी ने कहा ,”भारत विश्व की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है और इसमें सरकारी बैंक जरूरी भूमिका अदा करते हैं।भारतीय बैंक और इनकम टैक्स के क्षेत्र में डिजिटलीकरण से आम जन को अतिरिक्त सुविधा मिली है जिससे अर्थव्यवस्था में वृद्धि हुई और विकास का पहिया तेजी से आगे बढ़ा।

वही शरद चांडक, सी जी एम् एसबीआई ने अपनी बात रखते हुए कहा “भारत में डिजिटलीकरण की शुरुआत एटीएम के आने से ही हो गई थी किंतु यूपीआई और अब एसआईपी , बैंक लोन आदि की सुविधा भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिलने लगी है जिससे कि भारत के छोटे-छोटे गांव और कस्बों में भी अर्थव्यवस्था का बदलाव देखने को मिल रहा है ”

दूसरे हिस्से में में सम्मान समारोह का भव्य आयोजन था जिसमे एसबीआई के सी जी एम, शरद चंदक को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड को दिया गया। इसी क्रम में, जीएम ऑफ़ द ईयर, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के ए के खन्ना,डिप्टी जनरल मैनेजर ऑफ़ द ईयर यूको बैंक के आशुतोष सिंह, ए जी एम ऑफ़ द ईयर का अवार्ड यूबीआई बैंक के मनीष श्रीवास्त्व को दिया गया। बैंक ऑफ़ द ईयर का अवार्ड एसबीआई बैंक के नाम रहा । इसी अवार्ड कैटेगरी में बैंक ऑफ़ बड़ोदा और इंडियन बैंक को साझा रूप से दूसरे स्थान के लिए दिया गया और केनरा बैंक तीसरे स्थान के लिए सम्मानित किया गया ।

सी पी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज अग्रवाल को बिज़नस लीडर ऑफ़ द ईयर का अवार्ड दिया गया।
खेल को देश की निधि मानते हुए , कराटे में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले विराज कात्यायन को यंगस्ट अवार्डी ऑफ़ द ईयर से सम्मानित व प्रोत्साहित किया गया । विराज खास अवार्ड के लिए गुरुग्राम से अपने माता पिता के साथ आये थे।

अन्य कई वर्गों में विभिन्न बैंको के उच्च अधिकारीयों एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया। अजय ठाकुर सीईओ ,टी जीआई एस एम् ई ने इस कार्यक्रम को बैंकिंग क्षेत्र के सबसे ज़रूरी कार्यक्रमों में से एक बताते हुए इंडियन इन्वेस्टर फेडरेशन की पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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