ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद: दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर से लगे हुए गाजियाबाद को पूरे यूपी का मुख्य द्वार कहा जाता है, क्योंकि यह बड़ा और पुराना औद्योगिक क्षेत्र है, यहां से कुल लगभग 45 हजार के आसपास उद्योग संचालित किए जाते हैं, साथ ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर की सबसे बड़ी लोहा मंडी है जहां पर काफी संख्या में व्यापारी हैं और शहर के बीचो-बीच किराना मंडी, अनाज मंडी तथा कई छोटे बड़े बाजार भी हैं | इसके अलावा मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी और डासना में भी कई बड़े बाजार हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग सवा लाख से अधिक व्यापारी हैं, इतना बड़ा औद्योगिक क्षेत्र और व्यावसायिक नगरी होने के कारण जिले में ट्रांसपोर्ट की भी बड़ी संख्या है, जिसके कारण जिले में व्यावसायिक वाहनों का दबाव बढ़ रहा है और इसको लेकर के ट्रांसपोर्टर,व्यापारी तथा उद्यमी कई दशक से ट्रांसपोर्ट नगर की मांग कर रहे थे| उनकी मांग को देखते हुए जीडीए ने महायोजना 2031 में गाजियाबाद की सीमा पर ट्रांसपोर्ट नगर और पार्किंग के लिए जगह प्रस्तावित की है| अब गाजियाबाद में महा योजना 2031 लागू हो गई है, इस योजना में सिटी लॉजिस्टिक प्लान के तहत दो ट्रांसपोर्ट नगर और तीन ट्रक पार्किंग की योजना है, एलपीजी प्लांट के पास करीब 12 एकड़ और लाल कुआं के पास तकरीबन 10 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है| अधिकारियों के द्वारा दी गई जानकारी में यह बताया गया है कि ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए मालवाहकों की एंट्री पॉइंट पर इन्हें बनाना जरूरी है, ताकि माल वाहक शहर में प्रवेश न कर सके और वह ट्रांसपोर्ट नगर में ही अपना सामान उतारे और वहीं से आगे के बाजारों में सप्लाई की जाए, गाजियाबाद से लगभग 22 हजार करोड रुपए का निर्यात प्रतिवर्ष किया जाता है|

