संवाददाता प्रवीण सिंह चंदेल कानपुर नगर
उ.प्र. कानपुर देहात पुलिस द्वारा निर्दोष बलबंत सेंगर की निर्मिम हत्या करने बाद नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाना यह कार्यवाही के नाम लीख पीटने जैसी कार्यवाही गई है
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश की राजनैतिक विपक्ष और आप तभी इतने ही शांत है आखिर क्यों बता दूँ कि कानपुर देहात के शिवली थाना अंतर्गत ग्राम सलैय्या निवासी बलबंत सेंगर के अलावा यदि यह घटना किसी अन्य समाज में हुई होती तो बबाल हो जाता, बलवंत सेंगर के हत्यारों पर भी बिकरू के बहु चर्चित हत्या काण्ड का मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर जैसी कार्यवाही होनी चाहिये। ये सिर्फ बलवंत सेंगर की हत्या नही है बल्कि मृतक कें माँ पिता और उसके बच्चों सहित सम्पूर्ण सेंगर/क्षत्रिय समाज की हत्या करने जैसा अपराध किया गया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार जोकि कानून का राज्य बताकर पुलिस बिभाग को खुलेआम गुंडागर्दी करने जैसी कार्यवाही करने सम्पूर्ण समाज प्रताड़ित करने के लिये छोड़ दिया गया है, वहीं दूसरी ओर क्षत्रिय समाज के कुछ न्यायप्रिय पुलिस बिभाग सहित अन्य बिभागों कार्यरत है उन्हें बिना किसी ठोस साक्ष के निलंबित/लाइन हाजिर आदि की कार्यवाही कर क्षत्रिय समाज को प्रताड़ित करने की प्रिक्रिया की जा रही है, जो अब कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा

