सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर मृतका की बेटी ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप, अस्पताल परिसर में खड़ी शव वाहन बनी शो पीस, खा रही हैं धूल,
जौनपुर – जनपद के अमर शहीद उमांनाथ सिंह जिला चिकित्सालय में एक वृद्ध महिला मरीज प्रभावती को सांस की परेशानी के कारण मेडीकल वार्ड में भर्ती कराया गया था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई जिनके शव को घर ले जाने के लिए मृतका की बेटी सुमन घंटों रही परेशान, मृतका की बेटी व पिता शव को घर तक ले जाने के लिए घंटों दर दर भटकने को हुए मजबूर, जिसके लिए परिजनों ने शव वाहन के लिए अस्पताल में लिखे नम्बर पर कई बार फोन भी लगाया लेकिन ढाक के पात जैसी कहावत सिद्ध होते ही परिवार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनता को मिलने वाली सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर लगाया लापरवाही का आरोप,
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को कोसते हुए मां के मृत शव को अस्पताल के बाहर लेकर घंटों बैठने को मजबूर हुई एक बेटी, सवाल यह उठता है कि जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में शवों को परिजनों के घर तक पहुंचाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था उपलब्ध कराया गया है तो उसके बाद भी इस तरह की बड़ी लापरवाही की ओर जिला प्रशासन की निगाहें क्यों नहीं जाती जो अपने में एक बड़ा सवाल है, क्या जिला अस्पताल में भर्ती मरीज का इलाज के दौरान मौत होने के बाद शव को घर तक ले जाने के लिए परिजनों को दर दर भटकते हुए अपनी आँखों से देखने के बाद ही जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के जिला अस्पताल में हो रही लापरवाही पर कार्यवाही करेगा?
बेबस बेटी अपनी मां की मौत के बाद माँ के शव के साथ सर्दी भरी रात अस्पताल के बाहर घंटों पड़ी मरीजों को मिलने वाली सरकारी सुख सुविधाओं की हवा हवाई व्यवस्था को नम आंखों से निहारती रही, इस घटना के सम्बन्ध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को रात्रि ही कई बार फोन मिलाया गया, जिसके बाद फोन तो उठा किन्तु स्पष्ट आवाज न आने के कारण सरकार द्वारा प्राप्त शव वाहन सुविधा उपलब्ध न हो सकी, जिसके बाद घंटों इंतजार के बाद बेटी ने अपने गांव फोन कर किसी मदद द्वारा अपनी मृत मां के शव को अपने गांव सुदनीपुर थाना मड़ीयाहू लेकर जा सकी,

