वसई में पुत्री के 25वें जन्मोत्सव पर वेदमंत्रों के साथ हुआ गृह प्रवेश

पुत्री के जन्मोत्सव पर वेदमंत्रों के साथ गृह प्रवेश,

वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साथ समाज में मिसाल।

देश की उपासना

ब्यूरो धनन्जय विश्वकर्मा ।

वसई (महाराष्ट्र): श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल संस्था वसई के उपाध्यक्ष राधेश्याम विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री प्रिया विश्वकर्मा के 25वें जन्मोत्सव के अवसर पर एक प्रेरणादायक और अविस्मरणीय कार्यक्रम का आयोजन किया। 24 सितंबर को वसई विरार मनपा क्षेत्र के पंचरत्ना विहार फेस 2, बंगलो नंबर 6, एवरशाइन सिटी में, उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर सत्यनारायण कथा का श्रवण किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता और पवित्रता का संचार हुआ।

यह आयोजन इसलिए भी खास बन गया क्योंकि इसी शुभ दिन पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उनके नए निवास में गृह प्रवेश किया गया। आमतौर पर लोग गृह प्रवेश के लिए अलग से शुभ मुहूर्त का चयन करते हैं, लेकिन राधेश्याम विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री के 25वें जन्मदिन को इस महत्वपूर्ण अवसर के साथ जोड़कर एक अनूठी मिसाल पेश की। यह कदम न केवल पारिवारिक स्नेह और संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे आधुनिक जीवन में भी हमारी प्राचीन परंपराएं और मूल्य जीवंत हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक सौहार्द और धार्मिक मान्यताओं को एक साथ लाना था। सत्यनारायण कथा के माध्यम से परिवार के सदस्यों ने भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त किया, जबकि वैदिक मंत्रों के साथ गृह प्रवेश ने नए घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। राधेश्याम विश्वकर्मा जो कि समाज सेवा में सक्रिय हैं, उन्होंने इस आयोजन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ पारिवारिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी उतना ही महत्व देना चाहिए।

इस समारोह में उनके परिवार के सदस्यों के अलावा सगे संबोधित मित्र तथा श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष राजेन्द्र विश्वकर्मा, अखिलेश विश्वकर्मा, रामस्वरूप राणा, रविन्द्र विश्वकर्मा, भागीरथी मिस्त्री , सुर्यनारायण महेश राणा, आदि सदस्य और श्री विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्ट दहिसर अध्यक्ष रामा विश्वकर्मा, राजकुमार विश्वकर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। वहीं एकार्थी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश विश्वकर्मा (एकार्थी टाइम्स के संपादक) कोषाध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, विशाल विश्वकर्मा, आदि गणमान लोग मौजूद रहें। सभी ने राधेश्याम विश्वकर्मा और उनके परिवार को उनकी पुत्री के जन्मदिन और गृह प्रवेश की बधाई दी। इस आयोजन ने न केवल प्रिया विश्वकर्मा के लिए उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरू किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि एक बेटी का जन्मदिन गृह प्रवेश जैसे किसी भी शुभ अवसर के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त होता है।

इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, जहां लोग धर्म और परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़कर देखते हैं।  जिन्होंने इस महत्वपूर्ण और प्रेरक घटना को सबके सामने प्रस्तुत किया। यह एक ऐसा समारोह था जिसने न केवल एक परिवार को खुशी दी, बल्कि समाज में भी एक नया दृष्टिकोण और एक सकारात्मक संदेश फैलाया।

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