शक्तियों को संगठित व जागृत करना है संघ का उद्देश्य–अरुण शुक्ला

शक्तियों को संगठित व जागृत करना है संघ का उद्देश्य–अरुण शुक्ला

नगर के प्रमुख मार्गो से निकला पथ संचालन , दो दर्जन से अधिक जगहों पर स्वयंसेवकों पर हुई पुष्प वर्षा

पथ संचलन यात्रा बैंड बाजों के साथ जय श्री राम व वंदे मातरम् के उद्घोषों से गूंजायमान रहा

हरदोई(अंबरीष कुमार सक्सेना)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग परिवार प्रबोधन प्रमुख अरुण शुक्ला ने कहा है कि समाज के सज्जन व्यक्ति व शक्तियों को संगठित करना और उन्हें जागृत करना आरएसएस का उद्देश्य है। जूनियर हाई स्कूल कस्बा पिहानी बस स्टैंड पर आयोजित पथ संचलन को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने स्वयंसेवकों को संघ के विविध आयामों की चर्चा करते हुए भारतीय संस्कार के पुनर्जागरण के दिशा में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपना साम्राज्य स्थापित करने के लिए भारत पर आक्रमण हुए जरूर लेकिन भारत के नैतिक मूल्य के कारण ही हमारा समाज जीवित है और सशक्त रूप से अग्रसर हो रहा है। इस मौके पर पिहानी नगर कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुज शुक्ला ने कहा कि भारत में अंग्रेजी दस्ता के कारण भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव से व्यथित होकर विजयादशमी के दिन ही संघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि संघ के बारे में जानने के लिए संघ और उसकी गतिविधियों से जुड़ना होगा। संघ के माध्यम से एक तरफ व्यक्ति में चरित्र निर्माण का कार्य करता है, वहीं रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के लोगों को संगठित करने और जोड़ने का काम करती है। संघ के स्वयंसेवक व खंड कार्यवाह अंकित गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सहकार्य में संलग्न होने के साथ पर्यावरण संतुलन एवं देश तथा वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के दुष्प्रभाव को कम करने का भी रचनात्मक एवं कारगर प्रयास कर रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर के वरिष्ठ आचार्य समीर वाजपेई ने भारतीय संस्कारों के संरक्षण के लिए संस्कृत भाषा के प्रसार पर बल दिया।

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