श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

31 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

रघुपति बिमुख जतन कर कोरी
कवन सकइ भव बंधन छोरी ।।
जीव चराचर बस कै राखे ।
सो माया प्रभु सों भय भाखे ।।
( बालकांड 199/2)
राम राम 🙏🙏
राम जी का जन्म हो चुका है , वे अपनी बाललीला करके अयोध्या वासियो को आनंदित कर रहें हैं । राम जी से विमुख रह कर कोई चाहे करोड़ों उपाय कर ले, उसका संसार बंधन कौन छुड़ा सकता है । जिसने चर अचर सब जीवों को अपने वश में कर रखा है वह माया भी राम जी से डरती है ।
राम विमुख रहते हुए अनेकानेक उपाय करने के बाद भी दिन प्रतिदिन हम जगत के बंधन में बंधते जा रहे हैं फिर क्यूँ न राम सन्मुख होकर राम के बंधन में बध कर अन्य सभी बंधन से हम आप मुक्त हो लें। अस्तु! जय राम राम , जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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