16 नवम्बर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बार बार पद लागउँ
बिनय करउँ दससीस।
परिहरि मान मोह मद
भजहु कोसलाधीस ।।
( सुंदरकांड , दो. 39)
राम राम 🙏🙏
बिभीषण रावण को समझा रहे हैं , सीता जी को वापस राम जी को सौंपने को कहते हैं , उसे राम जी के बारे में बताते हैं, उनकी शरणागत वत्सलता बताते हैं । अंत में बिभीषण कहते हैं कि मैं बार बार आपके पैर पड़ता हूँ, विनती करता हूँ, आप मान ,मद व मोह को त्याग कर राम जी का भजन कीजिए ।
जो अभिमानी है वही मोह से ग्रसित है , वह कहने से न तो अभिमान छोड़ता है न ही भजन करता है । अच्छा हो केवल उससे भजन करना प्रारंभ करेने को कहें , भजन करने से अभिमान व मोह अपने आप कम होते चले जाएँगे और राम प्रेम बढ़ता जाएगा । अत: भजन करें, राम भजें , राम भजें 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

