20 जनवरी- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
भल न कीन्ह तैं निसिचर नाहा ।
अब मोहि आइ जगाएहि काहा ।
अजहूँ तात त्यागि अभिमाना ।
भजहु राम होइहि कल्याना ।।
( लंकाकांड 62/1)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी संजीवनी लेकर आए हैं , लक्ष्मण जी उठ बैठे हैं । यह बात रावण तक पहुचती है , वह कुंभकर्ण के पास जाता है , उसे जगाकर सब बताता है । कुंभकर्ण कहता है कि भाई! तूने अच्छा नहीं किया, अब मुझे क्यूँ जगाया है । अब भी अभिमान छोड़कर राम जी भजो तो कल्याण होगा ।
श्री राम जी को भजने में कभी भी देरी नहीं हुई है । बस अपने मन को जो कहीं और लगा हुआ है , आज भी सरल होकर राम जी में लगा दें तो कल्याण हो जाएगा ।अथ ! भज मन राम भज , भज मन राम भज 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

