01 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
मुखिआ मुख सो चाहिए,
खान पान कहुँ एक ।
पालइ पोषइ सकल अँग,
तुलसी सहित बिबेक ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो . 315)
राम राम 🙏🙏
श्री भरत जी चित्रकूट में रामवन के दर्शन कर श्री राम जी के पास आते हैं और जाने की आज्ञा मागते हुए कहते हैं कि मुझे शिक्षा दीजिए जिससे मैं पुनः आपके दर्शन कर सकूँ । श्री राम जी कहते हैं कि मुखिया को मुख के समान होना चाहिए, जो खाने पीने को तो एक हैं परंतु विवेकपूर्वक सब अंगों का पालन पोषण करता है।
भक्तों, अपने जीवन में हर ओर समान सात्विक तरक़्क़ी देखना चाहते हैं तो अपने जीवन का मुखिया श्री सीताराम जी को मान लीजिए, फिर देखिए आपके जीवन के हर क्षेत्र में कैसे तरक़्क़ी होता है इसके लिये बस श्री सीताराम नाम का भजन निरन्तर करते रहें…….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम जय सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

