श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

21 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुमति कुमति सब के उर रहहीं ।
नाथ पुरान निगम अस कहहीं ।।
जहाँ सुमति तहँ संपति नाना ।
जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना ।।( सुंदरकांड 39/3)
राम राम 🙏🙏
विभीषण रावण को समझा रहें हैं, सीता जी को वापस पहुँचाने के लिए कहते हैं । वे कहते हैं कि भैया! अच्छी बुद्धि और खोटी बुद्धि सबके हृदय में रहती है ऐसा पुराण व वेद कहते हैं । जिसके हृदय में सुबुद्धि है वहाँ हर प्रकार का सुख है और जहाँ कुबुद्धि है वहाँ दुःख ही दुख है ।
भक्त विभीषण की यह बात एकदम सत्य है । अपने और अपने आसपास रहने वालों का जीवन देखें, पता चल जाएगा कि सुबुद्धि वाले हैं या कुबुद्धि वाले ? इसलिए सुबुद्धि पाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहें, इसके लिये श्री राम जी का स्मरण एवं श्री राम जी का गुणगान करें क्योंकि श्री राम शरण ही सुबुद्धि दायक है एवं जीवन को आनन्दमय बनाता है। अतः सदा सुबुद्धि रखें और अपने जीवन को आनन्दमय बनाएं तथा श्री सीताराम नाम का जप करते रहें…… श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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