श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

22 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

उमा राम की भृकुटि बिलासा ।
होइ बिस्व पुनि पावइ नासा ।।तृन ते कुलिस कुलिस तृन करई
तासु दूत पन कहु किमि टरई ।।
( लंकाकांड 34/4)
राम राम बंधुओं 🙏अंगद ने रावण की सभा में अपने पाँव जमा दिए हैं, सब हार जाते हैं , रावण उठता है , अंगद कहते हैं कि मेरा नहीं श्री राम चरण पकड़ने से तेरा कल्याण होगा । वह लज्जित हो सिंहासन पर बैठ जाता है । श्री शिव जी पार्वती मां से कहते हैं कि जिन श्री राम जी के भौंह के इशारे से जगत उत्पन्न व क्षय होता है , जो निर्बल को बलवान और बलवान को निर्बल बना देते हैं, उनके दूत का प्रण भला कैसे टल सकता है ।
श्री सीताराम प्रेमियों 🙏🙏
श्री राम जी अपने सेवकों के मान सम्मान की रक्षा करते हैं, क्योंकि सेवक को अपना बल नहीं होता है उसे तो केवल श्री राम जी का बल होता है और श्री राम बल के आगे सब बलहीन हो जाते हैं । अतएव श्री राम सेवक बनें और श्री सीताराम नाम का निरन्तर भजन करते रहें….. श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम। जय सियाराम जय जय सियाराम, जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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